
नगर परिषद अंजड़ में करोड़ों रुपए के कार्यों में गड़बड़ी की जाँच, EOW ने दर्ज किया प्रकरण पेयजल योजना और सड़क निर्माण भ्रष्टाचार पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश खंडेलवाल के ऊपर भी सड़क घोटाले में एफआईआर दर्ज

रिपोर्टर:- रवि शिमले
अखंड भारत न्यूज़ चैनल बड़वानी
मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के अंजड़ नगर परिषद में पेयजल योजना को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। करोड़ों रुपये की राशि के दुरुपयोग के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो, इंदौर ने एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि योजना के नाम पर राशि निकाली गई, लेकिन काम अधूरा ही छोड़ दिया गया। मामला बड़वानी जिले के अंजड़ नगर परिषद का है, जहां वर्ष 2016 में पेयजल योजना के तहत घर-घर नल कनेक्शन के लिए शासन से 12 करोड़ 8 लाख 500 रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी। इस योजना का टेंडर रोहिणी वेलजी राणा एंड कंपनी को दिया गया था। योजना के तहत नगर परिषद के लगभग 2700 घरों में जल वितरण का लक्ष्य तय किया गया था। नियम के अनुसार कंपनी को 18 माह में काम पूरा करना था, लेकिन समय सीमा गुजरने के बाद भी काम अधूरा रहा। जांच में यह सामने आया कि कंपनी द्वारा अपूर्ण कार्य का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत कर भुगतान ले लिया गया। आरोप है कि उस समय के नगर परिषद के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कंपनी से मिलीभगत कर बिना काम पूरा हुए ही भुगतान कर दिया। कार्य के दौरान माप पुस्तिका में कार्य विवरण से संबंधित आवश्यक हस्ताक्षर नहीं पाए गए और गलत प्रोटोकॉल का पालन किया गया।इस मामले में तत्कालीन सीएमओ, इंजीनियर, लेखापाल, ठेकेदार और अन्य जिम्मेदारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। आरोपियों पर लगभग 10 करोड़ 46 लाख रुपये से अधिक की राशि का दुरुपयोग कर शासन को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो, इंदौर ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 409 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि जांच में और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं और इस घोटाले में शामिल लोगों पर क्या कार्रवाई होती है। नगर परिषद अंजड़ में पेयजल योजना और सब्जी मंडी से बड़दा रोड पुल तक सड़क निर्माण कार्यों और ठेकों में कथित अनियमितताओं को लेकर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) भोपाल ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। प्रकरण में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
EOW द्वारा दर्ज FIR क्रमांक 00/2026 में IPC की धारा 420, 467, 468, 471, 409, 120B तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा 13(1) शामिल हैं। जाँच का दायरा वर्ष 07 अप्रैल 2016 से 08 अप्रैल 2026 तक के कार्यों को कवर करता है। मामले की जाँच उप पुलिस अधीक्षक, EOW इंदौर द्वारा की जा रही है।
जाँच के दायरे में ठेकेदार और फर्मों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें वेलजी खत्री एंड कंपनी (बडोदा, गुजरात) से जुड़े परेश सिरोठिया और मिनेश मकवाना के साथ-साथ अंजड़ की अंजड़ कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश खंडेलवाल का नाम भी शामिल है।
साथ ही, नगर परिषद अंजड़ के तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारियों— सुरेंद्र सिंह पंवार और अमरदास सेनानी एवं मायाराम सोलंकी और इंजीनियर दिनेश पटेल लेखपाल हुकुमचंद मालवीय एवं दो अध्यक्ष मंजुला राकेश पाटीदार, पुष्पा संजय परमार, की भी भूमिका रही है। तथा जाँच के घेरे में बताई जा रही है। आरोप है कि निर्माण कार्यों के ठेकेदार और भुगतान प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया।
EOW सूत्रों के अनुसार, दस्तावेज़ों और भुगतान अभिलेखों की पड़ताल की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों से पूछताछ भी की जाएगी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जाँच हुई तो नगर परिषद के कई पुराने कार्यों की सच्चाई सामने आ सकती है।

